उत्तर प्रदेश में यहां अवैध रूप से वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज संपत्तियों पर एक्शन की संभावना

लखीमपुर। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक बहुमत से पारित होने के बाद वक्फ बोर्ड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। जिले में वक्फ बोर्ड की कुल 2,630 संपत्तियां पाई गई हैं, जिसमें से करीब 60 प्रतिशत वक्फ संपत्तियां अवैध रूप से सरकारी (ग्राम समाज व नजूल) जमीनों पर अवैध कब्जा करके बनाई गई हैं। शेष 40 प्रतिशत संपत्तियों में भी करीब पांच प्रतिशत संपत्तियां ऐसी हैं, जिनका कोई स्पष्ट वैधानिक ब्यौरा नहीं मिला है, जिससे इन्हें भी संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है। 

जिले के इन क्षेत्रों में इतनी है संपत्तियां

सरकार के आदेश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिले में मौजूद वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जांच पड़ताल करके रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, सात तहसीलों में सबसे ज्यादा 872 वक्फ संपत्तियां लखीमपुर सदर तहसील में हैं, जिसमें 870 वक्फ संपत्तियां सुन्नी और दो संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड के पास हैं। धौरहरा तहसील में 403 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास हैं।

मोहम्मदी तहसील में 403 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड और चार संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड के पास हैं। मितौली तहसील में 186 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड और तीन संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड के पास हैं।

ग्राम समाज और नजूल की जमीनों पर अवैध कब्जा

निघासन तहसील में 204 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड की हैं। पलिया तहसील में 105 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास हैं। गोला गोकर्णनाथ तहसील में 449 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड और एक संपत्ति शिया वक्फ बोर्ड के पास है। इस प्रकार वक्फ बोर्ड की कुल 2,630 वक्फ संपत्तियों में से 2,620 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड और 10 संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड के पास हैं। इन सभी संपत्तियों का विभागीय सर्वे किए जाने के दौरान करीब 60 प्रतिशत वक्फ संपत्तियां सरकारी जमीनों पर पाई गई हैं, जिसमें ग्राम समाज और नजूल की जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया है।

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नहीं है स्पष्ट ब्यौरा

विभागीय सूत्र बताते हैं कि कुछ जमीनें ऐंसी हैं, जिन्हें तत्कालीन प्रदेश सरकारों के आदेश से वक्फ बोर्ड को आवंटित कर दिया गया था। लिहाजा अब इन संपत्तियों को भी अवैध कब्जा की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा करीब पांच प्रतिशत संपत्तियां ऐसी हैं, जिनके बारे में स्पष्ट वैधानिक ब्यौरा उपलब्ध नहीं है। कई संपत्तियों का जमीन का क्षेत्र कागजों में दर्ज नहीं है।

एक-एक वक्फ नंबर में करोड़ों की कीमत की संपत्तियां जिले में कुल 2,630 वक्फ संपत्तियां हैं, जिन्हें अलग-अलग नंबरों से जाना जाता है। जैसे वक्फ नंबर एक, दो, तीन, चार आदि, जिसमें एक वक्फ नंबर में अलग-अलग स्थानों पर दर्जनों संपत्तियां दर्ज हैं। लिहाजा 2,630 वक्फ नंबरों के पास अलग-अलग स्थानों पर हजारों की संख्या में संपत्तियां दर्ज हैं, जिनकी कीमत करोड़ों-अरबों में हो सकती हैं। शहर के मुहल्ला संकटा देवी में मंदिर के ठीक सामने बनी दुकानें सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वक्फ नंबर पांच की संपत्तियां हैं। इसी तरह कचेहरी रोड पर कई दुकानें व मकान वक्फ नंबर 11 की संपत्तियां हैं।

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लाला काशीनाथ सेठ के शोरूम पर भी वक्फ बोर्ड अपनी संपत्ति होने का दावा कर चुका है, जिसका मामला कोर्ट तक पहुंचा। जबकि शोरूम के मालिक ने एक हिंदू परिवार से वह जमीन जरिए बैनामा खरीदी थी, जिसमें काफी समय तक स्टेट बैंक आफ इंडिया की मुख्य शाखा संचालित हुई थी।

18 वक्फ संपत्तियां पुनः मूल स्वरूप में होंगी वापस

जिले में ग्राम सभा समेत सरकारी जमीनों को राजस्व अभिलेखों में अवैध तरीके से वक्फ संपत्तियों के रूप में दर्ज किए जाने के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। पहले चरण में राजस्व अभिलेखों में गलत तरीके से सरकारी जमीनों को वक्फ संपत्ति के नाम नामांतरित की गई 18 संपत्तियों को पुराने मूल स्वरूप में लौटाया जाएगा। शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई प्रारंभ करते हुए संबंधित तहसीलदारों को निर्देश जारी किए हैं कि राजस्व अभिलेख से वक्फ संपत्ति शब्द को खारिज करके पूर्ववत दुरुस्त किया जाए, जो नामांतरण से पूर्व राजस्व अभिलेखों में चारागाह, जंगल झाड़ी आदि के नाम पर दर्ज थीं।

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इन सरकारी जमीनों को 1990 से 1995 के दौरान नियमों को दरकिनार कर वक्फ संपत्ति के रूप दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट लखनऊ ने 11 दिसंबर 2023 को एक प्रकरण में आदेश पारित करते हुए सरकारी जमीनों को राजस्व अभिलेखों में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज किए जाने को अवैध बताया था और ऐसी वक्फ संपत्तियों को राजस्व अभिलेखों से खारिज करके पुन: मूल स्वरुप में दर्ज करने के आदेश दिए थे। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि सदर तहसील में आठ वक्फ संपत्तियां खारिज की जानी हैं। इसके अलावा गोला तहसील में छह और निघासन तहसील में चार वक्फ संपत्तियों को खारिज करके पुन: सरकारी जमीन के रूप में दर्ज की जाएंगी।

जिले की सातों तहसीलों में वक्फ बोर्ड की कुल 2,630 वक्फ संपत्तियां हैं, जिसमें 2,620 संपत्तियां सुन्नी और 10 संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड के पास हैं। इन वक्फ संपत्तियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीएम द्वारा शासन को भेजी गई है। अब शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।- रोहित सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।

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