
देहरादून के राजकीय खाद्यान्न गोदाम गूलरघाटी में मिली अनियमितताओं के मामले में राज्य खाद्य निगम के दो अधिकारियों पर गाज गिरी है। वरिष्ठ विपणन अधिकारी (एसएमओ) विष्णु प्रसाद त्रिवेदी को निलंबित करने के साथ ही सहायक क्षेत्रीय अधिकारी (एआरओ) अजय रावत को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है।
यहां चावल की गुणवत्ता परीक्षण के लिए कुल 61 नमूने लिए गए थे, इनमें 26 फेल पाए गए और इनका पूरा स्टॉक रद्द घोषित कर दिया गया।
डीएम सविन बंसल ने खाद्यान्न गोदाम में अनियमितता की जांच मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह को सौंपी है। पिछले दिनों डीएम सविन बंसल ने दून में सरकारी गोदाम में छापेमारी कर अनियमितता पकड़ी थी। तब बड़े पैमाने पर स्टॉक खराब पाया गया था। जिसकी सैंपलिंग कराई गई। छापे में भंडारण, खरीद गुणवत्ता नियंत्रण और खाद्यान्न आवंटन प्रक्रिया में गड़बड़ी पाते हुए वरिष्ठ विपणन अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्हें सीडीओ ऑफिस से अटैच किया गया है।
डोईवाला की वरिष्ठ विपणन अधिकारी संयोगिता को गूलरघाटी गोदाम की जिम्मेदारी सौपी गई है। आंतरिक गोदामों और सरकारी दुकानों में खाद्यान्न सप्लाई के प्रति अपने उत्तरदायित्व में चूक के साथ ही गुणवत्ता सुनिश्चित करने में विफल रहने पर एआरओ अजय रावत को प्रतिकूल प्रविष्ट जारी की गई है। डीएम ने बताया कि यह बेस गोदाम है, यहां से दून के अलावा गढ़वाल क्षेत्र में खाद्यान्न सप्लाई होता है और यहां गुणवत्ता तय मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई है। इस अनाज को निर्बल वर्ग, धात्री महिलाओं, नौनिहालो और बुजुर्गों के लिए सप्लाई किया जा रहा था।
फिफो के नियमों का उल्लंघन
फिफो (फर्स्ट इन फर्स्ट आउट) जो अन्न भंडारण प्रबन्धन का मौलिक नियम है के किसी भी नियम का पालन किया जाना नहीं पाया गया। न तो फिफो रजिस्टर मेंटेन किए गए और न ही प्रथम आवत माल की प्रथम निकासी की गयी।
जांच रिपोर्ट में खुली घटतौली
अब तक हुई जांच में गोदाम में रखे राशन में घटतौली भी पकड़ में आई है। नियमानुसार अनाज के बोरों का वजन 50.5 किलोग्राम होता है, गेहूं के बोरों का औसत वजन 43 किलो और चावन के बोरों का वजन 47 किलो पाया गया। साथ ही नए और पुराने अनाज के आवंटन की प्रक्रिया भी दोषपूर्ण पाई गई। इन्वेंटरी मैजनेमेंट स्टॉक रजिस्टर में भी गड़बड़ी मिली है। स्कॉट का रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया गया। बोरों पर पैकिंग का स्थान, वजन, तिथि और संख्या तक अंकित नहीं थी।