
जनपद चम्पावत में विकास को नई रफ्तार देते हुए ने ₹36.83 करोड़ की 17 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें ₹7.12 करोड़ की 4 योजनाओं का लोकार्पण और ₹29.71 करोड़ की 13 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से चम्पावत के अंतिम छोर तक विकास पहुंचेगा और जनपद को “आदर्श जनपद” बनाने का लक्ष्य तेजी से साकार होगा। इस दौरान गांधी चौक में 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का भी अनावरण किया गया।

अपने संबोधन में उन्होंने तिरंगे को देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता का प्रतीक बताते हुए युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित होने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम छू रहा है। उन्होंने बताया कि ₹117 करोड़ से अधिक की लागत से गोलज्यू कॉरिडोर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पताल में ₹20 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित किया गया है, वहीं ₹5 करोड़ की लागत से सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे लोगों को अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
शिक्षा और तकनीक को बढ़ावा देते हुए ₹57 करोड़ की लागत से साइंस सेंटर बनाया जा रहा है, जो बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों से जोड़ेगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर और रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर भी जोर दिया गया। वहीं खेल क्षेत्र में लोहाघाट में ₹257 करोड़ की लागत से राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माणाधीन है।
इसके अलावा भारत-नेपाल सीमा पर ड्राई पोर्ट और ₹8.99 करोड़ की लागत से वृद्धाश्रम का निर्माण भी जारी है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीर सैनिकों, वीर नारियों और पर्यावरण मित्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि सरकार विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।










