
पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर संतों और श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने कथा व्यास को भक्ति, साधना और समर्पण की अद्वितीय मिसाल बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को आध्यात्मिक दिशा देने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संगम है, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति का मार्ग दिखाता है। उन्होंने विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए बेटियों की शिक्षा के लिए चलाई जा रही “प्रियाकांत जू विद्या धन योजना” को प्रेरणादायक बताया।

इस मौके पर के नेतृत्व में देशभर में हो रहे सांस्कृतिक और धार्मिक विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम पुनर्निर्माण जैसी परियोजनाओं को भारत की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है। हरिद्वार-ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना कर भारतीय संस्कृति के अध्ययन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जहां आध्यात्मिक वातावरण के बीच भक्ति और श्रद्धा का संगम देखने को मिला।










