
देहरादून। उत्तराखंड में यातायात नियमों के उल्लंघन पर अब सख़्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य में केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम के नए संशोधित नियम लागू कर दिए गए हैं। इसके तहत यदि किसी चालक का एक वर्ष के भीतर पांच या उससे अधिक बार चालान कटता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
संशोधित नियमों के अनुसार, 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक की अवधि में यदि कोई चालक पांच या अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे गंभीर श्रेणी का अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में परिवहन विभाग द्वारा चालक का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले वर्ष के चालान को अगले वर्ष की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।
परिवहन विभाग अब चालान न चुकाने वाले डिफॉल्टर चालकों की अलग सूची तैयार करेगा। ऐसे वाहनों को पुलिस द्वारा जब्त किए जाने का प्रावधान भी किया गया है।
नए नियमों के तहत चालान की सूचना इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से (एसएमएस या ई-मेल) तीन दिनों के भीतर भेजी जाएगी, जबकि भौतिक चालान 15 दिनों के अंदर उपलब्ध कराया जाएगा। चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर चालक को या तो चालान स्वीकार कर भुगतान करना होगा या फिर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उसे चुनौती देनी होगी।
यदि तय समय सीमा में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो चालान को स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा और इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।











