हल्द्वानी। भारत सरकार के रक्षा मंत्री के 21 मार्च 2026 के प्रस्तावित दौरे को लेकर पुलिस-प्रशासन ने शहर में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है। यह व्यवस्था सुबह 10:00 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक प्रभावी रहेगी, जबकि भारी वाहनों पर सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध
पूरे हल्द्वानी शहर में 21 मार्च को सभी प्रकार के भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। खनन से जुड़े सभी गेट बंद रहेंगे और आवश्यक सेवाओं के वाहन भी बाईपास मार्गों से ही संचालित होंगे।
बसों के लिए विशेष रूट
रोडवेज और निजी बसों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाली बसों को नारीमन तिराहा से डायवर्ट कर गोलापार रोड के रास्ते भेजा जाएगा। वहीं, कुछ निजी बसों को सीमित स्थानों तक ही आने की अनुमति होगी और वहीं से वापस किया जाएगा।
छोटे वाहनों के लिए डायवर्जन
बरेली रोड, रामपुर रोड, कालाढूंगी रोड और नैनीताल रोड से आने-जाने वाले छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। अधिकांश वाहनों को तीनपानी फ्लाईओवर, गोलापार रोड और नारीमन तिराहा के रास्ते भेजा जाएगा।
शहर में जीरो जोन घोषित
वीआईपी कार्यक्रम के दौरान नैनीताल बैंक तिराहा से सौरभ होटल तिराहा तक का क्षेत्र पूरी तरह जीरो जोन रहेगा, जहां किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा कई प्रमुख कट और चौराहों से भी यातायात पूरी तरह बंद रहेगा।
रैली के लिए पार्किंग प्लान
जनसभा में शामिल होने वाली बसों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं—
- बरेली रोड से आने वाली बसें गांधी इंटर कॉलेज ग्राउंड में पार्क होंगी
- रामपुर रोड से आने वाली बसें एचएन इंटर कॉलेज ग्राउंड में
- काशीपुर/रामनगर/कालाढूंगी की ओर से आने वाली बसें मुखानी क्षेत्र के पार्किंग स्थलों में
- नैनीताल/भीमताल की ओर से आने वाली बसें आवास विकास क्षेत्र में पार्क की जाएंगी
पर्वतीय मार्गों पर भी डायवर्जन
भीमताल, भवाली और कैंची धाम क्षेत्र में भी कंटीजेंसी प्लान लागू रहेगा। वीआईपी मूवमेंट के दौरान कई स्थानों पर अस्थायी रूप से यातायात रोका जाएगा और वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को भेजा जाएगा।
प्रशासन की अपील: आमजन से अनुरोध है कि 21 मार्च को यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी जरूर लें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि अनावश्यक असुविधा से बचा जा सके।











