
हरिद्वार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके सहायक गौरव शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। देहरादून से पहुंची विजिलेंस टीम ने यह ट्रैप कार्रवाई जिला पूर्ति कार्यालय परिसर में अंजाम दी, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।
विजिलेंस विभाग के अनुसार जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा एक राशन डीलर से कार्य के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। पीड़ित डीलर ने इसकी शिकायत विजिलेंस से की, जिसके बाद पूरे मामले की गोपनीय जांच कर जाल बिछाया गया।
पूर्व नियोजित योजना के तहत जैसे ही अधिकारी और उनके सहायक ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया। मौके से पूरी रिश्वत राशि भी बरामद कर ली गई है।
कार्रवाई कार्यालय परिसर में ही होने के चलते कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई प्रचलित है।
विजिलेंस अधिकारियों ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।











