
हल्द्वानी। उत्तराखंड के युवाओं का भविष्य संवारने के लिए ने बड़ी पहल की है। आगामी शैक्षणिक सत्र से राज्य के गरीब परिवारों के युवाओं को इंजीनियरिंग डिप्लोमा, होटल मैनेजमेंट और सिविल सेवाओं की तैयारी के लिए निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना की घोषणा ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन ने हल्द्वानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में की।
परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. घनशाला ने बताया कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही दिशा और अवसर देने की है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वविद्यालय की बीएससी (ऑनर्स) फिजिक्स की छात्रा रही का भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन होना इसका बड़ा उदाहरण है। मिनल ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 66वीं रैंक हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है।
डॉ. घनशाला ने बताया कि टिहरी जिले के डोबरा महड़ गांव के एक शिक्षक की बेटी मिनल ने सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से यह सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि लगन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसी तरह ग्राफिक एरा के भीमताल परिसर की बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) परीक्षा में देशभर में 152वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
उन्होंने बताया कि ग्राफिक एरा के छात्रों को देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में भी शानदार प्लेसमेंट मिल रहे हैं। भीमताल परिसर से गुंजन भनवाल को एटलेशियन में 66.01 लाख रुपये वार्षिक, विभा चंदोला को गूगल में 54.84 लाख रुपये, जबकि अमेजन में सानिया पांडेय, मुकेश नेगी और शैलेश रौतेला को 47.88 लाख रुपये के पैकेज मिले हैं। वहीं वीजा में करन मटियाली और मयंक जोशी को 32.88 लाख रुपये के पैकेज पर नियुक्ति मिली है। हल्द्वानी परिसर की छात्रा नेहा भट्ट को एटलेशियन में 61.99 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर प्लेसमेंट मिला है।
डॉ. घनशाला ने बताया कि ग्राफिक एरा ने देहरादून और हल्द्वानी में प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को यह प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क दिया जाएगा, जिससे वे आईएएस और अन्य प्रशासनिक सेवाओं में अपना भविष्य बना सकें।
इसके अलावा होटल उद्योग में बिना प्रशिक्षण के जाने वाले युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए देहरादून और हल्द्वानी में एक वर्ष का निशुल्क होटल मैनेजमेंट कोर्स भी शुरू किया जाएगा। इस कोर्स में इंडस्ट्री ट्रेनिंग भी शामिल होगी, जिससे प्रशिक्षित युवा सीधे बेहतर पदों से अपने करियर की शुरुआत कर सकेंगे। युवाओं को यह भी सिखाया जाएगा कि गढ़वाल और कुमाऊं के गांवों में खाली पड़े घरों को विकसित कर उन्हें होमस्टे के रूप में सफल व्यवसाय में कैसे बदला जा सकता है।
उन्होंने बताया कि आर्थिक कारणों से तकनीकी शिक्षा से वंचित रहने वाले युवाओं के लिए देहरादून और भीमताल में कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन और सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स भी निशुल्क कराया जाएगा। हालांकि चयनित छात्र-छात्राओं को अपनी आवासीय व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
पत्रकार वार्ता में हल्द्वानी परिसर के निदेशक डॉ. मनोज लोहानी, भीमताल परिसर के निदेशक प्रो. (कर्नल) ए.के. नायर सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।











