
हल्द्वानी/लालकुआं/कालाढूंगी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के सख्त निर्देशों के बाद बुधवार को जिलेभर में मदिरा (अनुज्ञापित) दुकानों के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। राजस्व विभाग की टीमों ने हल्द्वानी, लालकुआं और कालाढुंगी क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करते हुए कई दुकानों में एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने (ओवररेटिंग) सहित गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया।

सबसे पहले कालाढुंगी मुख्य बाजार स्थित विदेशी मदिरा की दुकान पर उपजिलाधिकारी विपिन पंत के नेतृत्व में ओचक छापेमारी की गई। यह कार्रवाई क्षेत्रीय जनता की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई। जांच के दौरान राजस्व टीम ने अपनी पहचान छिपाते हुए ग्राहक बनकर रॉयल स्टैग की एक हाफ और एक क्वार्टर बोतल खरीदी। भुगतान गूगल पे के माध्यम से किया गया, जिसमें एमआरपी से कुल ₹10 अधिक वसूले जाने की पुष्टि हुई।

इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और गोपनीय तरीके से अन्य ग्राहकों से पूछताछ की, जिसमें कई लोगों ने ओवररेटिंग की बात स्वीकार की। ग्राम धापला निवासी अजय कुमार के बयान भी दर्ज किए गए, जिन्होंने अधिक कीमत वसूले जाने की पुष्टि की।

जांच में कई अन्य गंभीर खामियां भी सामने आईं। दुकान में स्टॉक पंजिका और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया, बिलिंग मशीन बंद पड़ी थी, ग्राहकों को बिल नहीं दिए जा रहे थे और दुकान के बाहर रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं थी। सीसीटीवी फुटेज से भी यह स्पष्ट हुआ कि ग्राहकों को बिना बिल के ही मदिरा बेची जा रही थी।
इसी प्रकार लालकुआं तहसील क्षेत्र में उपजिलाधिकारी रेखा कोहली के नेतृत्व में चार मदिरा दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान राजस्व कर्मियों और स्थानीय लोगों के माध्यम से मदिरा की खरीद कराई गई, जिसमें सभी दुकानों पर एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने का मामला सामने आया।
इन दुकानों में देशी और विदेशी दोनों प्रकार की मदिरा दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि कई दुकानों में बिलिंग मशीन खराब थी, स्टॉक पंजिका अधूरी थी, बिक्री पंजिका उपलब्ध नहीं थी और कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया गया था।
राजस्व विभाग की टीमों ने सभी मामलों में साक्ष्य जुटाते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी है। संबंधित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूलने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण लगातार किए जाएं, ताकि आम जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।










