
मेरठ। पेट में मच्छर जाने से एक युवक की हालत बिगड़ गई। उसे सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। स्वजन ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। आरोप है कि मरीज का आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी चिकित्सकों ने बाहर से महंगी दवाइयां मंगवाईं। स्टाफ पर तीमारदार से धक्का-मुक्की का आरोप भी लगाया गया। पुलिस ने हंगामा कर रहे स्वजन को शांत किया और तहरीर देने के लिए कहा।
बागपत में बड़ौत के गांव कोताना निवासी रवि कुमार ने बताया कि चार दिन पहले उनके पिता अशोक के मुंह में मच्छर चला गया और वह पेट तक पहुंच गया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें सुभारती मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया।
रवि ने बताया कि डाक्टरों ने सीटी स्कैन व कई अन्य जांचें कराईं। गुरुवार रात चिकित्सकों ने अशोक कुमार को आइसीयू में भर्ती कर दिया। रवि ने बताया कि उनके पिता का आयुष्मान कार्ड है। आरोप है कि चिकित्सकों ने आयुष्मान कार्ड से अच्छी दवाई नहीं मिलने की बात कहते हुए बाहर के स्टोर से महंगी दवाइयां मंगवाई।
दूध लेकर लौटे तब दी पिता की मौत की जानकारी
शुक्रवार रात तक चिकित्सक उनके पिता की तबीयत ठीक बताते रहे और उनके लिए दूध लाने को कहा। जब वह दूध लाने के लिए जाने लगे तो एक चिकित्सक ने अशोक की मौत होने की जानकारी दी। इस पर वहां मौजूद स्वजन ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। आरोप है कि चिकित्सकों ने बाउंसर बुलाकर उन्हें अस्पताल से बाहर निकलवा दिया।
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस
जानीखुर्द थाना प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि सुभारती अस्पताल में हंगामे की सूचना मिली थी। पीड़ित परिवार को तहरीर देने के लिए कहा गया है। सुभारती के ट्रस्टी अतुल कृष्ण भटनागर का कहना है कि घटना के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। चिकित्सकों से इस संबंध में बातचीत की जाएगी।
पुलिस पर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने पर व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
लालकुर्ती पैंठ में दो पक्षों में हुए विवाद में कृपाण से हुए हमले के आरोपित पर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के विरोध में शुक्रवार को व्यापारियों ने एसएसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने एसपी क्राइम को ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपित पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।