हल्द्वानी के फतेहपुर रेंज क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब घास लेने जंगल गई महिलाओं के समूह पर बाघ ने हमला कर दिया। इस हमले में 65 वर्षीय गंगा देवी की मौत हो गई। बाघ महिला को करीब तीन किलोमीटर अंदर जंगल में घसीट ले गया, जहां बाद में उनका शव बरामद किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, पीपल पोखरा निवासी गंगा देवी सुबह लगभग 11 बजे अपनी बहू पुष्पा गोस्वामी और अन्य दो महिलाओं के साथ घास काटने जंगल गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक पीछे से गंगा देवी पर हमला कर दिया। साथी महिलाओं ने शोर मचाकर बाघ को भगाने की कोशिश की, लेकिन वह महिला को जबड़े में दबोचकर जंगल के भीतर ले गया।
मृतका की बहू पुष्पा गोस्वामी ने बताया कि वे लोग सामान्य रूप से घास काट रहे थे, तभी अचानक बाघ ने हमला कर दिया। उन्होंने बताया, “बाघ ने मेरी सास को पकड़कर अंदर घसीट लिया। हम लोग डर के कारण छिप गए। मैं ‘ईजा-ईजा’ चिल्लाती रही, लेकिन कुछ नहीं कर सके। बाघ काफी देर तक उनके शव को नोचता रहा।”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब वे हिम्मत जुटाकर आगे बढ़ीं तो बाघ महिला के शव के पास ही मौजूद था। महिलाओं के शोर मचाने पर बाघ उन्हें घूरने लगा, जिससे वे जान बचाकर गांव की ओर भागीं और ग्रामीणों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से जंगल में सर्च अभियान चलाया गया। करीब तीन किलोमीटर अंदर गंगा देवी का शव बरामद हुआ। वन विभाग की टीम ने बाघ को खदेड़ने के लिए हवाई फायरिंग की, जिसके बाद बाघ वहां से भाग गया। शव पर गर्दन और कमर के पास गहरे घाव पाए गए हैं।
डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि बाघ को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने के लिए शासन से अनुमति मांगी जाएगी। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को फिलहाल जंगल में न जाने की सलाह दी गई है।
घटना के बाद पीपल पोखरा और आसपास के क्षेत्रों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई, बाघ को पकड़ने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।











