
किच्छा: भाई के शोक में मायके वालों की सहभागी बनने निकली बहन के परिवार ही दु:खों का पहाड़ टूट गया। वह भाई की अंत्येष्टि से पहले ही इस संसार को छोड़ गई। दु:खद घटनाओं में कुछ ही घंटों के फेर में भाई और बहन दोनों ही इस दुनिया से विदा हो गए।
भाई की अंत्येष्टि में शामिल होने तड़के ही निकली थी बबीता
बबीता पिथौरागढ़ स्थित मानस एकेडमी में शिक्षिका है और उसके पति भी वहां पर प्रशासनिक कार्य संभालते हैं। गुरुवार को मुरादाबाद में भाई की आकस्मिक मृत्यु की सूचना ने बबीता को विचलित कर रख दिया। इस तरह भाई के अचानक चले जाने का गम अपने दिल में समेटे बबीता अपने पति व स्वजन के साथ भाई की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए शुक्रवार तड़के ही निकल पड़ी थी।
बबीता का बड़ा बेटा 12 वर्ष और बेटी तीन वर्ष की
सब कुछ ठीक रहता तो 12 बजे तक उनके मुरादाबाद पहुंच कर भाई की अंत्येष्टि में शामिल होने की संभावना थी। परंतु होनी को बबीता का अपने भाई की अंत्येष्टि में शामिल होना मंजूर नहीं था।
किच्छा में मार्ग दुर्घटना में बबीता भी काल का ग्रास बन गई। बबीता के दो बच्चों में बड़ा बेटा 12 वर्ष और बेटी तीन वर्ष की है। उन्होंने भी कभी नहीं सोचा होगा कि वह अब कभी अपनी मां का चेहरा नहीं देख पाएंगे।
भाई की अंत्येष्टि की तैयारी में जुटे थे बबीता के मायके वाले
उनकी मां पल भर में उनसे इतनी दूर चली गई कि वह अब कभी उसको नहीं देख पाएंगे। वहीं भाई की अंत्येष्टि की तैयारी में जुटे बबीता के मायके वालों के लिए बबीता की मृत्यु की सूचना ने जो कोहराम मचाया होगा उसका एहसास कलेजा मुंह हो आने जैसा है। स्वजन को बड़ा दंश देकर दोनों भाई बहन इस दुनिया को अलविदा कह दूसरे लोक की यात्रा पर निकल गए। जिससे दोनाें परिवारों में कोहराम की स्थिति बनी हुई है।
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