
लालकुआँ। जिला प्रशासन नैनीताल के निर्देश पर , लालकुआँ में 24 और 25 फरवरी को आपदा प्रबंधन विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन (एनडीआरएफ) गदरपुर की टीम ने किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य औद्योगिक संस्थानों को संभावित आपदाओं के प्रति अधिक सतर्क, सक्षम और तैयार बनाना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने भूकंप, बाढ़ और अग्निकांड जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई, सुरक्षित निकासी प्रक्रिया, प्राथमिक उपचार, आपसी समन्वय और अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही मॉक ड्रिल के माध्यम से कर्मचारियों को आपात हालात का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
मिल के सुरक्षा विभाग समेत विभिन्न इकाइयों के करीब 100 कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया और आपदा से निपटने की तकनीकों को समझा।
इस मौके पर मिल के सीईओ अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के लिए आपदा प्रबंधन महज औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अनिवार्य जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए प्रत्येक उद्योग को सतर्क और प्रशिक्षित रहना आवश्यक है।
उन्होंने कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि संकट की स्थिति में संयम, प्रशिक्षण और टीमवर्क ही सबसे बड़ी ताकत होती है। नियमित सुरक्षा ऑडिट और मॉक ड्रिल से संस्थान की तैयारी को और मजबूत किया जाएगा।
कार्यक्रम में एनडीआरएफ के कमांडेंट कनिष्क पांगती, जिला उद्योग केंद्र की सहायक प्रबंधक सीमा बिष्ट सहित मिल प्रबंधन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समापन सत्र में प्रतिभागियों को भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने का संकल्प दिलाया गया।











