
ध्वस्तीकरण की आड़ में गहरी खुदाई और मलबे के साथ उपखनिज बाहर ले जाने की शिकायतों पर जांच के आदेश
लालकुआं। हल्दूचौड़ स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स परिसर में चल रहे भवन ध्वस्तीकरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। गुरुवार को उप जिलाधिकारी लालकुआं रेखा कोहली ने अचानक ध्वस्तीकरण स्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की जानकारी ली। एसडीएम ने परियोजना प्रबंधक को तलब करते हुए ध्वस्तीकरण से संबंधित पूरी पत्रावली, अनुमति और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की विस्तृत जांच कराने की बात कही है।
दरअसल, यूसीएफ परिसर में भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे के साथ उपखनिज बाहर ले जाने और जमीन की काफी गहराई तक खुदाई किए जाने को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए यूसीएफ प्रबंधन ने ध्वस्तीकरण की निगरानी के लिए एक अवर अभियंता की तैनाती की है। अवर अभियंता ने मौके पर पहुंचकर फिलहाल वाहनों की आवाजाही पर फौरी रोक लगाई है।
अब ध्वस्तीकरण स्थल से मलबा परिसर से बाहर ले जाने से पहले उसकी जांच और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इससे यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि ध्वस्तीकरण के दौरान निकलने वाली सामग्री कितनी है और उसे किस प्रक्रिया के तहत परिसर से बाहर ले जाया जा रहा है।
यूसीएफ प्रबंधक त्रिलोचन पाठक के अनुसार ध्वस्तीकरण से निकलने वाली सामग्री की प्रकृति, मात्रा और उसके परिवहन से संबंधित दस्तावेजों पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि मलबे को परिसर से बाहर ले जाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार ही होगी।
एसडीएम ने अधिकारियों से ली पूरी जानकारी
गुरुवार सुबह एसडीएम रेखा कोहली यूसीएफ परिसर पहुंचीं और ध्वस्तीकरण स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने परियोजना प्रबंधक कार्यालय में संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेते हुए ध्वस्तीकरण से जुड़ी सभी पत्रावलियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि भवन ध्वस्तीकरण से लेकर वहां से सामग्री उठाने और उसके परिवहन तक की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाएगी। इसके साथ ही मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी, ताकि ध्वस्तीकरण के दौरान हुई गतिविधियों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
गहरी खुदाई बनी जांच का अहम बिंदु
यूसीएफ परिसर में ध्वस्तीकरण के दौरान जमीन की गहराई तक खुदाई किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। मलबे के साथ उपखनिज बाहर ले जाने की शिकायतों ने भी मामले को गंभीर बना दिया है। हालांकि इन शिकायतों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रशासन के औचक निरीक्षण और अभिलेख तलब किए जाने के बाद अब निगाहें जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच में यह सामने आएगा कि परिसर में ध्वस्तीकरण और खुदाई का काम नियमों के अनुरूप हुआ है या फिर निर्धारित प्रक्रिया से इतर कोई गतिविधि हुई है। फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ध्वस्तीकरण की आड़ में किसी भी तरह का नियम विरुद्ध कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।










