
लालकुआं। किच्छा-लालकुआं नेशनल हाईवे पर वन विभाग ने अवैध वन संपदा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शीशम और सिरस की चिरान से लदा कैंटर पकड़ लिया। वन विभाग की टीम को देखते ही चालक कैंटर को सड़क किनारे छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। तलाशी के दौरान वाहन में लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई वैध वन प्रपत्र नहीं मिला। विभाग ने कैंटर को सीज कर डौली रेंज में सुरक्षित खड़ा करा दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी दीपक कुमार, उप प्रभागीय वनाधिकारी गौला अनिल जोशी और वन क्षेत्राधिकारी डौली प्रदीप कुमार पंत के निर्देश पर वन अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार सुबह करीब छह बजे वन विभाग की टीम शांतिपुरी वन बैरियर के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान किच्छा की ओर से आ रहे कैंटर संख्या UP15FT5016 को वन विभाग की टीम ने रुकने का इशारा किया। टीम को देखकर चालक ने कुछ दूरी पर वाहन सड़क किनारे रोक दिया और मौका पाकर अंधेरे में फरार हो गया। वन कर्मियों ने जब कैंटर की तलाशी ली तो उसके अंदर शीशम और सिरस की चिरान लदी मिली।
पूछताछ अथवा जांच के लिए चालक मौके पर मौजूद नहीं था और लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई वैध वन प्रपत्र भी वाहन से बरामद नहीं हुआ। प्रथम दृष्टया मामला अवैध रूप से वन संपदा के परिवहन से जुड़ा पाए जाने पर वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 यथा संशोधित 2006 की धारा 41, 42, 52 एवं 26 के तहत कार्रवाई करते हुए कैंटर को सीज कर दिया।
विभागीय टीम ने अपने संसाधनों की मदद से सीज कैंटर को डौली रेंज लालकुआं में सुरक्षित खड़ा करा दिया है। अब वन विभाग फरार चालक की पहचान करने के साथ ही कैंटर में लदी लकड़ी के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगा है। मामले की जांच के बाद अवैध वन संपदा के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना है।
प्रभागीय वनाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि अवैध वन संपदा के दोहन और अवैध खनन के खिलाफ विभाग का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कार्रवाई करने वाली टीम में वन दरोगा पान सिंह मेहता, वन वीट अधिकारी जीवन आर्य व हरेंद्र, वन आरक्षी भुवन चंद्र मैलानी, शाहिद बेग, रोशन बहादुर तथा श्रमिक कमल भाकुनी शामिल रहे।










