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बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की मांग को लेकर आंदोलन तेज, 12वें दिन 400 लोगों ने भरी हुंकार

बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर चल रही जनजागरण पदयात्रा लगातार गति पकड़ रही है। आंदोलन के 12वें दिन मंगलवार को पदयात्रा संजय नगर-2 और संजय नगर-3 क्षेत्र से होकर हाटकालिका मंदिर पहुंची, जिसमें करीब 400 लोगों ने सहभागिता की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने 200 से अधिक घरों में जनसंपर्क कर लोगों से आगामी 27 सितंबर की विशाल रैली में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

पदयात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं, जहां वक्ताओं ने सरकार से बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की अधिसूचना शीघ्र जारी करने की मांग उठाई। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित इस मांग पर अब और विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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विधायक के आरोपों पर वन अधिकार संगठन का पलटवार

इस बीच लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट द्वारा वन अधिकार संगठन पर लगाए गए आरोपों का संगठन ने कड़ा जवाब दिया है। वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि विधायक अनर्गल बयानबाजी कर लोगों को आंदोलन और रैली से दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते इस मुद्दे के समाधान के लिए गंभीर प्रयास किए गए होते तो आज आंदोलन की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।

उमेश भट्ट ने कहा कि 25 नवंबर 2025 को डीएलसी द्वारा पत्रावली के पुनः परीक्षण के आदेश वन अधिकार कानून की भावना और प्रावधानों के विपरीत हैं। उन्होंने बताया कि वन अधिकार समिति लगातार इस पर आपत्ति दर्ज कर रही है तथा मुख्य सचिव से सुनवाई और विधिसम्मत कार्रवाई की मांग करते हुए नियमित रूप से पत्र भेजे जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।

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उन्होंने कहा कि विधायक को वन अधिकार समिति पर सवाल खड़े करने के बजाय शासन स्तर पर लंबित मामलों के निस्तारण और अधिसूचना जारी कराने के लिए प्रयास करने चाहिए। साथ ही उन्होंने विधायक के उस बयान को भी भ्रामक बताया, जिसमें पत्रावली में संस्तुति शब्द नहीं होने और समिति के जिलाधिकारी से नहीं मिलने की बात कही गई थी। भट्ट ने दावा किया कि समिति कई बार जिलाधिकारी से मुलाकात कर चुकी है और लगातार पत्राचार भी कर रही है।

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आंदोलनकारियों का कहना है कि अब उनकी प्राथमिक मांग शासन स्तर पर लंबित अपीलों की सुनवाई कर अंतिम निर्णय लेने की है, ताकि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने का रास्ता साफ हो सके।

पदयात्रा में मोहन सिंह धामी, होशियार जेठी, दलीप अधिकारी, प्रकाश मिश्र, गोविंद राम, रघुवीर बिष्ट, पुष्कर दुबड़िया, किशन धामी, बलवंत कोरंगा, भोपाल सिंह, ललित पलड़िया, प्रेम सिंह खोलिया, जगदीश चौहान, दीपक सिंह भाट, दिनेश भट्ट सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।

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