
सितारगंज। सीनियर सिटीजन कार्ड बनाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 3.77 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने पहले पीड़ित को बैंक की सुविधाओं का लालच दिया और भरोसे में लेकर बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। इसके कुछ ही देर बाद खाते से रकम निकल गई। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि वार्ड नंबर-11 निवासी रामआसरे मौर्य का पंजाब नेशनल बैंक की सितारगंज शाखा में बचत खाता है। 19 अगस्त की दोपहर उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को पीएनबी के दिल्ली स्थित हेड ऑफिस का कर्मचारी बताया और सीनियर सिटीजन कार्ड बनाने की बात कही।
ठग ने रामआसरे को कार्ड के जरिए बैंक की ओर से कई सुविधाएं मिलने का भरोसा दिलाया। उसकी बातों में आकर रामआसरे ने बैंक खाते और एटीएम कार्ड से संबंधित जानकारी साझा कर दी। इसके कुछ देर बाद जब उन्होंने अपना खाता चेक किया तो 3.77 लाख रुपये गायब थे।
ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत कर रकम वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
बाद में सामने आई यह बात: पुलिस जांच में सामने आया कि फोन करने वाला व्यक्ति विवेक दास नाम बता रहा था और खुद को पीएनबी के दिल्ली हेड ऑफिस का कर्मचारी बता रहा था। इसी पहचान के भरोसे उसने पीड़ित से बैंक और एटीएम से जुड़ी जानकारी हासिल की। पुलिस अब कॉल करने वाले की पहचान और ठगी की रकम के लेन-देन की जांच कर रही है।
सावधान रहें: बैंक अधिकारी फोन पर ओटीपी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगते। ऐसे फोन आने पर कोई भी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।










