उधम सिंह नगर। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से एम/एस कैलाश रिवर बैड मिनरल्स एल.एल.पी. द्वारा जनपद उधम सिंह नगर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत कंपनी अब तक 1,000 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण कर चुकी है। इनमें अधिकांश पौधे औषधीय एवं फलदार प्रजातियों के हैं, जो भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभदायक साबित होंगे।
कंपनी द्वारा यह अभियान जनपद के विभिन्न सरकारी विद्यालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, ग्राम पंचायतों द्वारा चिन्हित सार्वजनिक स्थलों तथा धार्मिक परिसरों में संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना ही नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित करना भी रहा।
इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी सक्रिय रूप से शामिल किया गया। पौधारोपण के दौरान बच्चों को वृक्षों के महत्व, स्वच्छ पर्यावरण, जैव विविधता, जल संरक्षण और मानव जीवन में पेड़ों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, मिट्टी के कटाव को रोकने, वर्षा चक्र को मजबूत करने और जीव-जंतुओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों से भी अनुरोध किया कि वे विद्यार्थियों को समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें और उन्हें लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित करें। इससे बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित होगी तथा भविष्य में वे पर्यावरण संरक्षण के सशक्त प्रहरी बन सकेंगे।
कैलाश रिवर बैड मिनरल्स एल.एल.पी. ने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत कंपनी आगे भी जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी। कंपनी का लक्ष्य अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करना, लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाना है।
स्थानीय लोगों ने भी कंपनी की इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी संस्थाओं, निजी कंपनियों और आम नागरिकों की सहभागिता से इस तरह के अभियान लगातार चलते रहें, तो आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को काफी हद तक हासिल किया जा सकता है।










