
भीमताल। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक विरासत के प्रतीक हरेला मेले का आयोजन इस वर्ष 16 जुलाई से भीमताल में भव्य एवं हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा। मेले की तैयारियों को लेकर गुरुवार को विकास भवन सभागार में कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों को समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मेले के सफल आयोजन को लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विभागीय प्रदर्शनी, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और पेयजल व्यवस्था सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों, खादी एवं ग्रामोद्योग, स्थानीय शिल्पकारों, जैविक उत्पादों तथा उद्यान विभाग के स्टॉल प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
कैबिनेट मंत्री ने पुलिस एवं प्रशासन को मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण, सीसीटीवी निगरानी, महिला सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त पार्किंग स्थलों का चिन्हीकरण कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने को कहा।
बैठक में स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल व्यवस्था और पौधारोपण कार्यक्रम को भी मेले का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। मंत्री रामसिंह कैड़ा ने कहा कि हरेला मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, लोक परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ 10 जुलाई तक सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंडल अध्यक्ष कमल जोशी, जिला मंत्री मनोज भट्ट, प्रदीप पाठक, योगेश तिवारी, पंकज जोशी, नगर पालिका परिषद भीमताल की अध्यक्ष सीमा टम्टा, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, उपजिलाधिकारी एवं मेलाधिकारी नवाजिश खालिक, अनिल चनोतिया, गोपाल कृष्ण भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।










