
हल्द्वानी में सेल्फी प्वाइंट, जागरूकता वीडियो और स्थानीय टीवी चैनलों से साइबर सुरक्षा का प्रचार; फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड और यूपीआई ठगी से बचाव के बताए जा रहे तरीके
हल्द्वानी/नैनीताल। रामलीला के मंच से जहां भगवान श्रीराम के आदर्शों और सत्य की विजय का संदेश दिया जा रहा है, वहीं नैनीताल पुलिस इसी मंच को साइबर अपराधियों के खिलाफ जागरूकता का माध्यम बना रही है। पुलिस मुख्यालय की ओर से संचालित साइबर जागरूकता अभियान 2.0 के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. की पहल पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रामलीला आयोजनों के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्क किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य है कि मनोरंजन और धार्मिक आयोजनों में पहुंचने वाले लोग साइबर अपराध के नए तरीकों को समझें और ठगी से बचने के उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
रामलीला मैदान में जागरूकता गतिविधियां, सेल्फी प्वाइंट बना आकर्षण
इसी अभियान के तहत हल्द्वानी के रामलीला मैदान में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीओ ऑपरेशन समीरण भट्ट के नेतृत्व में साइबर सेल प्रभारी मीनू गौतम और उनकी टीम ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। इस दौरान जागरूकता सेल्फी प्वाइंट के जरिए भी लोगों को साइबर अपराधों से बचाव का संदेश दिया गया।
पुलिस ने लोगों को बताया कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर आम नागरिकों की मेहनत की कमाई पर सेंध लगा रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही बैंक खाते को खाली कर सकती है। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
वीडियो और स्थानीय टीवी चैनलों से भी पहुंच रहा संदेश
साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस केवल रामलीला मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि वीडियो क्लिप और स्थानीय टीवी चैनलों के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। भोटियापड़ाव चौकी प्रभारी कृपाल सिंह के स्तर से भी साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों को विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
इसके अलावा जिले के अन्य थाना और चौकी क्षेत्रों में आयोजित रामलीलाओं के दौरान भी पुलिसकर्मी लोगों को साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीके बता रहे हैं। स्कूल-कॉलेजों में भी लगातार जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जा सके।
फर्जी कॉल से लेकर निवेश के झांसे तक, इनसे बचने की सलाह
जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, संदिग्ध लिंक, यूपीआई धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंकिंग विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन भुगतान करने से भी बचें। निवेश से जुड़े आकर्षक ऑफर की सत्यता जांचे बिना अपनी रकम न लगाएं।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
नैनीताल पुलिस लोगों को साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में बिना देरी किए कार्रवाई करने की सलाह दे रही है। इसके लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा भारत सरकार के आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल का उपयोग करने की जानकारी दी जा रही है।
पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध होने के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराने से मामले में समय रहते आवश्यक कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।
SSP की पहल से जागरूकता पर जोर, सुरक्षित जनपद का संकल्प
नैनीताल पुलिस का यह अभियान धार्मिक आयोजनों, जनसहभागिता कार्यक्रमों, डिजिटल माध्यमों और शैक्षणिक संस्थानों को जोड़कर साइबर सुरक्षा के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखें।
नैनीताल पुलिस का संकल्प है—साइबर अपराध के प्रति जागरूक जनपद, सुरक्षित जनपद।











