नैनीताल में “आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस” पर जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को दी गई कानूनी और बचाव संबंधी जानकारी, देखें रिपोर्ट

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नैनीताल— माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण / जिला न्यायाधीश श्री हरीश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में, सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल श्रीमती पारुल थपलियाल के नेतृत्व में “अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस” के अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज, भूमियाधार नैनीताल में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में एसडीआरएफ उत्तराखण्ड पुलिस के जवानों द्वारा आपदा की स्थिति में बचाव कार्यों के प्रायोगिक प्रदर्शन किए गए। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ या आग लगने की स्थिति में एसडीआरएफ टीम तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती है। टीम द्वारा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना, प्राथमिक उपचार प्रदान करना तथा राहत सामग्री पहुंचाना जैसे कार्य किए जाते हैं। साथ ही, एसडीआरएफ द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों एवं धार्मिक यात्राओं के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के कार्य भी किए जाते हैं।

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कार्यक्रम में सीपीआर (CPR) देने की प्रक्रिया का भी व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को आपदा के समय जीवन रक्षक प्राथमिक उपचार की जानकारी मिल सके।

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सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल थपलियाल ने शिविर में उपस्थित छात्र-छात्राओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली के साथ-साथ आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, पॉश एक्ट, बाल विवाह निषेध, नशा उन्मूलन जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधिक जानकारी से व्यक्ति न केवल अपने अधिकारों के प्रति सजग रहता है, बल्कि अपराध की श्रेणी में आने वाले कृत्यों से भी स्वयं को बचा सकता है।

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कार्यक्रम के समापन सत्र में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों में विधिक ज्ञान का प्रसार होता है, जिससे वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।

शिविर में एसडीआरएफ उत्तराखण्ड पुलिस से सब इंस्पेक्टर भावना बिष्ट, हेड कॉन्स्टेबल दरमान सिंह, हेड कॉन्स्टेबल महेन्द्र भंडारी, कॉन्स्टेबल प्रदीप मेहता, पैरामेडिक्स हर्ष कुमार, रोहित कुमार, नवीन पांडे तथा रविन्द्र सिंह उपस्थित रहे।

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