

हल्द्वानी। उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र अन्थवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में पशु क्रूरता निवारण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में बढ़ रही निराश्रित गौवंश की समस्या, गौशालाओं की स्थिति और गोवंश के प्रति हो रहे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में अध्यक्ष राजेन्द्र अन्थवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार गौवंश संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि निराश्रित पशुओं की समस्या को कम करने और किसानों को आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा “ग्राम्य गौ सेवक योजना” संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पांच निराश्रित पशुओं की देखभाल करने पर प्रतिदिन 80 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह योजना उन पशुओं के संरक्षण में मददगार साबित होगी जिन्हें लोग सड़कों पर छोड़ देते हैं।
बैठक के दौरान अध्यक्ष अन्थवाल ने जनपद के सभी आठ विकास खण्डों में संचालित गौशालाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार गौशालाओं के विकास और संचालन को लेकर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन विकास खण्डों में गौशाला निर्माण के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है, वहां शीघ्र कार्य शुरू कराया जाए ताकि निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सके।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. डीसी जोशी ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि गौलापार, चोरगलिया, कैंचीधाम और मालधनचौड़ क्षेत्र में गौशालाओं हेतु भूमि चिन्हिकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
बैठक में अध्यक्ष अन्थवाल ने कहा कि गोवंश के प्रति क्रूरता या प्रताड़ना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौवंश से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर गौवंश को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि स्कूलों में बच्चों को गाय के महत्व, संरक्षण और भारतीय संस्कृति में उसके स्थान के बारे में जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि गाय हमारी आस्था और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी हुई है, इसलिए आने वाली पीढ़ी को इसके प्रति जागरूक करना जरूरी है।
अध्यक्ष अन्थवाल ने जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं गौवंश के प्रति अपराध या पशु क्रूरता की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को जानकारी दें। उन्होंने कहा कि कई बार इस तरह के मामलों में अफवाहें भी फैलती हैं, इसलिए लोगों को सजग और जिम्मेदार रहने की आवश्यकता है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. डीसी जोशी ने बताया कि ग्राम्य गौ सेवक योजना के तहत जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों में अब तक 54 लोगों का चयन किया गया है, जिनमें से 24 लोगों को योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते जनपद नैनीताल प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, नगर आयुक्त पारितोष वर्मा, सीओ अमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, नगर निकायों के ईओ और गौशाला संचालक मौजूद रहे।










