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रामनगर में सड़क निर्माण की लापरवाही बनी काल! रेता-बजरी पर फिसली बाइक, युवा होटल कारोबारी की दर्दनाक मौत….

रामनगर। रामनगर के कानिया क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के दौरान बरती गई कथित लापरवाही एक युवा होटल कारोबारी की जान पर भारी पड़ गई। देर रात बाइक से जा रहे कानिया निवासी ललित मेहरा उर्फ कन्नू की बाइक सड़क पर फैलाई गई रेता-बजरी पर फिसल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि क्षेत्रवासियों और व्यापारियों में निर्माण एजेंसी के खिलाफ भारी आक्रोश है।

बताया जा रहा है कि ललित मेहरा किसी जरूरी काम से देर रात बाइक पर निकले थे। कानिया क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य चल रहा था और सड़क पर रेता-बजरी फैलाई गई थी। अंधेरा होने के कारण उन्हें सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री दिखाई नहीं दी। जैसे ही बाइक रेता-बजरी पर पहुंची, उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान निर्माण एजेंसी द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्थानों पर रेता-बजरी और अन्य निर्माण सामग्री सड़क पर ही छोड़ दी जाती है, जबकि रात में वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।

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लोगों का कहना है कि पहले भी इस तरह की लापरवाही के कारण छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन संबंधित एजेंसी और अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया।

कार्रवाई की उठी मांग

युवा कारोबारी की मौत के बाद व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मांग की गई है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन आम जनता की सुरक्षा की कीमत पर नहीं। यदि निर्माण स्थलों पर समय रहते बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाती, तो शायद एक युवा की जान बचाई जा सकती थी।

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