देहरादून। उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता में मंगलवार को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में प्रदेश के सभी नगर निगमों में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर के महापौर, नगर आयुक्त, जनप्रतिनिधि एवं विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि नगर निकायों के जनप्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निकायों से संबंधित लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
स्वच्छता व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, 500 नए वाहन होंगे उपलब्ध
शहरी विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 500 अतिरिक्त कूड़ा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन वाहनों की निगरानी और संचालन को पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
रिक्त पदों पर हुई नियुक्तियां
मंत्री कैड़ा ने कहा कि निकायों में लंबे समय से रिक्त चल रहे अधिशासी अधिकारी, अपर अभियंता और राजस्व निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। इससे विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
निकाय बढ़ाएं अपनी आय के स्रोत
बैठक में मंत्री ने सभी नगर निकायों से अपनी आय बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय रूप से मजबूत निकाय ही जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और राजस्व बढ़ाने के नवाचारों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण, सड़क सुधार, विद्युत और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने, गैस पाइपलाइन को भूमिगत करने, डंपिंग जोन विकसित करने तथा गौशालाओं के निर्माण जैसे कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। साथ ही आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त संख्या में शेल्टर होम विकसित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। सरकार निकायों द्वारा उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए पूरी गंभीरता से प्रयास करेगी और उनके सुझावों को योजनाओं में शामिल किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि संवाद और समन्वय किसी भी समस्या के समाधान की सबसे प्रभावी कुंजी है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार की समीक्षा बैठकों का नियमित आयोजन किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों की प्रगति की सतत निगरानी की जा सके और जनहित से जुड़े कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।
बैठक में विभिन्न निकायों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, स्वच्छता प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा शहरी विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सभी नगर निगमों के महापौर, सचिव नितेश झा, अपर सचिव विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।










