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जल स्रोत भी जम चुके…छतों से पिघल रही बर्फ के पानी से प्यास बुझा रहे हर्षिल घाटी के लोग

Uttarakhand Weather News Uttarkashi Residents of Harsil Valley are quenching their thirst with ice water

उत्तरकाशी हर्षिल घाटी में हुई बर्फबारी और लगातार गिर रहे तापमान के कारण जलस्रोतों के जमने के कारण नलों से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसलिए ग्रामीणों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे उन्हें नदियों और छतों से पिघल रही बर्फ के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

हर वर्ष की भांति इस बार भी हर्षिल घाटी के गांवों में एक बार फिर पेयजल आपूर्ति की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। तापमान गिरने से जहां एक ओर पानी के नल फट रहे हैं, वहीं आपूर्ति के मुख्य स्थानों पर भी जल स्रोत पूरी तरह जम चुके हैं।

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एक किमी की दूरी नापनी पड़ रही
स्थानीय निवासी का कहना है कि पाइप लाइनों में पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को नदियों से पानी की आपूर्ति पूरी करनी पड़ रही है। वहीं, गांव के आसपास के जल स्रोत भी जम चुके हैं। इसलिए उन्हें पानी के लिए करीब एक किमी की दूरी नापनी पड़ रही है, तो वहीं कई बार अधिक ठंड होने पर घरों की छतों से पिघल रही बर्फ के पानी पर भी निर्भर रहना पड़ रहा है।

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उनका कहना है कि इन दिनों बर्फ देखने के लिए हजारों की संख्या में पर्यटक हर्षिल पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां पर सबसे अधिक समस्या उन्हें पानी की हो रही है। पर्यटकों को बाल्टी पर पानी ढाेकर पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने जल संस्थान से मांग की है कि शीतकाल में पानी की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए उचित योजना तैयार की जाए।

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