
भीमताल/ओखलकांडा। भीमताल विधानसभा क्षेत्र के ओखलकांडा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा हैड़ाखान के साचा क्षेत्र में ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने गौला नदी पर लगभग 1 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से निर्मित 60 मीटर लंबे पैदल पुल का विधिवत लोकार्पण किया। पुल के निर्माण से क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि गौला नदी पर पुल नहीं होने के कारण हैड़ाखान, लमगड़ा, साचा, बेडूखेत, पस्या, देवली, कौडार समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 15 से 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीण लंबे समय से ग्राम सभा हैड़ाखान के साचा क्षेत्र में गौला नदी पर पैदल पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शासन स्तर पर पहल कर पुल निर्माण के लिए 1.21 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई थी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सोमवार को मंत्री कैड़ा ने पुल का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया।
इस अवसर पर मंत्री कैड़ा ने कहा कि पुल बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और अब ग्रामीणों को आवागमन के लिए लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। सड़क, पुल, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मंत्री कैड़ा ने क्षेत्रीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने पुल निर्माण के लिए मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उनका फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बनने से बरसात के मौसम में होने वाली परेशानियां काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी और बच्चों की शिक्षा, किसानों की आवाजाही तथा ग्रामीणों के दैनिक जीवन में बड़ा सुधार आएगा। क्षेत्रवासियों ने इस पुल को विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।








