
चौथे चरण के कैंसर से जूझ रहे बिंदुखत्ता निवासी के पिता के इलाज के लिए ट्रस्ट ने दिए ₹11 हजार, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रमोद कलौनी ने भी ₹5 हजार देकर परिवार को दिया सहारा
हल्दूचौड़/बिंदुखत्ता। नवरात्रि के पावन पर्व पर जब चारों ओर मां दुर्गा की आराधना और सेवा-भाव का वातावरण है, ऐसे में हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट ने गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक जरूरतमंद परिवार की मदद कर मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश दिया है। बिंदुखत्ता निवासी सचिन तिवारी के पिता चौथे चरण के कैंसर से जूझ रहे हैं। उनके उपचार में परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मुश्किल समय में ट्रस्ट ने परिवार को ₹11 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं लालकुआं-बिंदुखत्ता निवासी प्रमोद कलौनी ने भी ₹5 हजार की मदद देकर परिवार को संबल प्रदान किया।
इलाज के खर्च ने बढ़ाई परेशानी, मदद की उम्मीद लेकर पहुंचे ट्रस्ट कार्यालय
जानकारी के अनुसार, सचिन तिवारी के पिता लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और उनका कैंसर चौथे चरण में है। उपचार पर लगातार हो रहे खर्च के कारण परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पिता के इलाज को जारी रखने के लिए सहयोग की उम्मीद लेकर सचिन तिवारी हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यालय पहुंचे। परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए ट्रस्ट की ओर से तत्काल ₹11 हजार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, ताकि इलाज के इस कठिन दौर में परिवार को कुछ राहत मिल सके।
प्रमोद कलौनी ने भी दिखाई संवेदनशीलता
परिवार की पीड़ा को देखते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रमोद कलौनी ने भी अपनी ओर से ₹5 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की। ट्रस्ट ने इस सहयोग के लिए प्रमोद कलौनी और उनके परिवार का आभार व्यक्त किया। ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि संकट की घड़ी में किसी जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ा होना सामाजिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का भी परिचायक है।
₹200 से भी कर सकते हैं मदद, समाज से सहयोग की अपील
हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट ने समाज के लोगों से अपील की है कि वे कैंसर पीड़ित परिवार की सहायता के लिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार आगे आएं। कोई भी व्यक्ति ₹200, ₹500, ₹1,000 या अपनी इच्छानुसार अधिक राशि का योगदान देकर परिवार की मदद कर सकता है। इच्छुक सहयोगी परिवार की ओर से साझा किए गए बैंक विवरण और संपर्क नंबर के माध्यम से सीधे आर्थिक सहायता पहुंचा सकते हैं। आर्थिक मदद करने में असमर्थ लोग इस अपील को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर भी परिवार की सहायता कर सकते हैं।
नवरात्रि पर दिया सेवा और संवेदना का संदेश
ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि नवरात्रि केवल मां दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा, पीड़ितों की मदद और दुख की घड़ी में किसी का सहारा बनने का भी अवसर है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवार के लिए समाज का छोटा-सा आर्थिक सहयोग भी बड़ी राहत बन सकता है। ऐसे समय में सामूहिक प्रयासों से परिवार को उपचार जारी रखने की उम्मीद मिल सकती है।
हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट ने सभी सहयोगियों और दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए समाज के लोगों से इस सेवा अभियान में सहभागी बनने की अपील की। ट्रस्ट का कहना है कि समाज के सहयोग और विश्वास से ही जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की मुहिम को आगे बढ़ाया जा सकता है।
संदेश साफ है—त्योहार की सच्ची सार्थकता तभी है, जब हमारी खुशियों के बीच किसी जरूरतमंद परिवार के जीवन में भी उम्मीद की रोशनी पहुंचे।











