
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। सोनप्रयाग क्षेत्र में अचानक भारी लैंडस्लाइड होने से पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और पत्थर गिरने लगे। हादसे में एक स्थानीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नेपाल निवासी एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन चारधाम यात्रा को करीब एक घंटे तक रोक दिया।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 8 बजे सोनप्रयाग बाजार क्षेत्र में बैरियर के पास अचानक पहाड़ी दरकने लगी। देखते ही देखते भारी पत्थर नीचे गिरने लगे और वहां मौजूद दो लोग इसकी चपेट में आ गए। मृतक की पहचान उमेद सिंह नेगी (48) निवासी बड़ेत, गुप्तकाशी, जनपद रुद्रप्रयाग के रूप में हुई है। वहीं घायल युवक बम बहादुर (42) नेपाल का रहने वाला बताया गया है, जो क्षेत्र में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था।
पत्थर गिरते ही मची भगदड़, बाल-बाल बचे सैकड़ों यात्री
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा केदारनाथ हाईवे पर सोनप्रयाग स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से करीब 10 मीटर आगे हुआ। अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे तो यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। श्रद्धालु जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
यात्रियों का कहना है कि अगर लोग समय रहते वहां से नहीं हटते तो 10 से 20 लोग इस हादसे की चपेट में आ सकते थे। घटना के बाद यात्रा मार्ग पर दहशत का माहौल बन गया और कई श्रद्धालु आगे की यात्रा को लेकर भयभीत नजर आए।
केदारघाटी व्यापार संघ एवं टैक्सी यूनियन सोनप्रयाग के अध्यक्ष अंकित गैरोला ने बताया कि हादसे के समय मौके पर करीब 500 से अधिक यात्री मौजूद थे।
प्रशासन अलर्ट, एक घंटे रोकी गई चारधाम यात्रा
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। लगातार पत्थर गिरने के चलते क्षेत्र को अस्थायी रूप से खाली कराया गया। घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन एक स्थानीय व्यक्ति ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
स्थिति को गंभीर देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को लगभग एक घंटे तक रोक दिया। बाद में JCB मशीनों की मदद से सड़क और पैदल मार्ग से मलबा हटाकर आवाजाही दोबारा शुरू कराई गई।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से खराब मौसम के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
तीन दिन पहले मुनकटिया में भी हुआ था भारी भूस्खलन
गौरतलब है कि तीन दिन पहले मंगलवार रात गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच मुनकटिया क्षेत्र में भी भारी भूस्खलन हुआ था। लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था, जिससे हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए थे।
सूचना मिलने के बाद SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर करीब 10,450 यात्रियों को सुरक्षित निकाला था। बाद में JCB मशीनों से मलबा हटाकर यात्रा मार्ग को दोबारा सुचारु किया गया।










