
बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन अब लगातार जोर पकड़ता जा रहा है। सावन-भादो की झुलसाती गर्मी और तेज बारिश भी ग्रामीणों के हौसले को नहीं डिगा सकी। बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने घर-घर पहुंचकर जनजागरण किया और बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन से लोगों को जोड़ने का आह्वान किया।
15 अगस्त से शुरू हुई घर-घर जनजागरण पदयात्रा के तहत बुधवार को पदयात्रा मां हाटकालिका मंदिर, इंदिरानगर-2 से शुरू हुई और इंदिरानगर गब्दा स्थित मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। सुबह आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन करीब 10 बजे के बाद तेज धूप निकलने के बावजूद पदयात्रा में शामिल लोगों के कदम नहीं रुके।
पदयात्रा में वन अधिकार संगठन, पूर्व सैनिक संगठन, राज्य आंदोलनकारी, विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। ग्रामीणों ने घर-घर पहुंचकर लोगों को बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की जरूरत और इसके लिए चलाए जा रहे आंदोलन की जानकारी दी।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग महज प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के पंचायत, विकास और मूलभूत नागरिक अधिकारों से सीधे जुड़ा सवाल है। उन्होंने प्रत्येक परिवार और नागरिक से इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
पदयात्रा में वन अधिकार संगठन अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, वन अधिकार समिति अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, पदयात्रा संयोजक दीपक जोशी एडवोकेट, बलवंत बिष्ट, भरत नेगी, भगवान सिंह धामी, नंदन बोरा, सुशील यादव, नवीन जोशी, भूपेश जोशी, ममता बिष्ट, राधा दानू, संध्या डालाकोटी, दीपक रौतेला, प्रकाश जोशी, उत्तराखंडी, सोहन लाल, दीपक पाठक, वीरेंद्र दानू, मनोज दानू और नंदन जग्गी समेत सैकड़ों क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि जनजागरण पदयात्रा बिंदुखत्ता के प्रत्येक गांव और प्रत्येक घर तक पहुंचेगी। बारिश, धूप और अन्य कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभियान को लगातार जारी रखने का निर्णय लिया गया है। आयोजकों के अनुसार, आगामी 27 सितंबर को शहीद स्मारक स्थल पर विशाल जनसभा और रैली आयोजित की जाएगी।
आयोजकों ने कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ना और बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने के लिए निर्णायक संघर्ष के पक्ष में मजबूत जनमत तैयार करना है। तपती धूप में सड़कों पर उमड़ती ग्रामीणों की भीड़ ने साफ कर दिया है कि राजस्व ग्राम की मांग को लेकर बिंदुखत्ता में आंदोलन अब लगातार व्यापक रूप ले रहा है।










