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नई दिल्ली/हल्द्वानी:- लोकसभा में सांसद अजय भट्ट ने उठाया केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों का मुद्दा, केंद्र ने भर्ती अभियान और शिक्षा सुधारों का रखा पूरा लेखा-जोखा……

नई दिल्ली/हल्द्वानी। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट द्वारा लोकसभा में उठाए गए केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिक्त शिक्षण पदों के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी साझा की है। सांसद अजय भट्ट के अतारांकित प्रश्न संख्या-2355 के लिखित उत्तर में सरकार ने भर्ती प्रक्रिया, रिक्त पदों को भरने की कार्ययोजना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का ब्यौरा दिया।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) तथा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियां संबंधित संस्थाओं के भर्ती नियमों के अनुसार की जाती हैं। सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, त्यागपत्र, नए संस्थानों की स्थापना तथा छात्र संख्या में वृद्धि के कारण समय-समय पर रिक्तियां उत्पन्न होती हैं, जिन्हें नियमानुसार भरा जा रहा है।

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सरकार के अनुसार, सितंबर 2022 से जुलाई 2025 के बीच केंद्रीय विद्यालय संगठन में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण श्रेणी के 12,867 नियुक्ति प्रस्ताव जारी किए गए। वहीं 2022-23 से दिसंबर 2025 तक नवोदय विद्यालय समिति में 2,341 शिक्षकों की सीधी भर्ती की गई।

इसके अलावा, नवंबर 2025 में केंद्रीय विद्यालय संगठन के 8,714 तथा नवोदय विद्यालय समिति के 5,045 शिक्षण पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचनाएं जारी की गईं। इन पदों के लिए जनवरी और मार्च 2026 में भर्ती परीक्षाएं भी आयोजित की जा चुकी हैं।

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सरकार ने यह भी बताया कि देशभर के केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को तेजी से भरने के लिए मिशन मोड भर्ती अभियान चलाया गया। 23 मई 2026 तक इस अभियान के तहत 32,114 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जिनमें 18,757 फैकल्टी पद शामिल हैं।

शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत निपुण भारत मिशन, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण, शिक्षक प्रशिक्षण, गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार हुआ है और विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर निगरानी एवं मूल्यांकन किया जा रहा है।

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सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा में यह विषय उठाते हुए विशेष रूप से उत्तराखंड सहित देशभर के केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ एवं आकांक्षी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि समयबद्ध भर्ती और मजबूत शिक्षा व्यवस्था देश के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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