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देहरादून:- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फैसला, उत्तराखंड में अरेबिया मदरसों की अनुदान व्यवस्था होगी समाप्त…..

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को दिए जाने वाले सरकारी अनुदान की बजट मद को समाप्त करने की मंजूरी दे दी है।

राज्य सरकार ने बताया कि उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम-2025 और नई मान्यता नियमावली-2026 लागू होने के बाद 1 जुलाई 2026 से पुराना मदरसा बोर्ड और उससे संबंधित अधिनियम समाप्त हो चुके हैं। ऐसे में पुरानी अनुदान व्यवस्था भी अप्रासंगिक हो गई थी, जिसके चलते बजट मद को औपचारिक रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

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सरकार के अनुसार राज्य में संचालित 452 पंजीकृत मदरसों को अब नई व्यवस्था के तहत कार्य करना होगा। सरकारी अनुदान और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए सभी मदरसों को पहले उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर से संबद्धता प्राप्त करनी होगी और उसके बाद उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेनी होगी।

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नई व्यवस्था के तहत मदरसों में आधुनिक शिक्षा को अनिवार्य किया गया है। धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ अब विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित अन्य विषयों का अध्ययन भी कराना होगा। इससे छात्रों को राज्य शिक्षा बोर्ड का मान्य प्रमाणपत्र मिलेगा, जिससे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में उन्हें लाभ मिलेगा।

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सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि नई व्यवस्था से अल्पसंख्यक संस्थानों की धार्मिक शिक्षा या उनके आंतरिक प्रबंधन और स्वायत्तता में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

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